इज़राइल की कहानी: रेत, रक्त और उम्मीद की ज़मीन 🇮🇱
इज़राइल की कहानी: रेत, रक्त और उम्मीद की ज़मीन 🇮🇱 🌍 एक राष्ट्र जो इतिहास से बना है बहुत समय पहले, यह भूमि कैनान कहलाती थी। यह वही ज़मीन है जहां यहूदी धर्म, ईसाई धर्म, और इस्लाम – तीनों अब्राहमिक धर्मों की जड़ें हैं। यरुशलम, यह भूमि का दिल, सदियों से श्रद्धा और संघर्ष का प्रतीक रहा है। 🏚️ निर्वासन और वापसी की कहानी करीब 2000 साल पहले , रोमनों ने यहूदियों को इस भूमि से बाहर निकाल दिया। इसके बाद वे दुनिया भर में फैल गए, लेकिन एक सपना हमेशा जिंदा रहा – " हम यरुशलम में फिर मिलेंगे। " 🌪️ यहूदी नरसंहार और नई आशा दूसरे विश्व युद्ध के दौरान होलोकॉस्ट में 60 लाख यहूदियों की हत्या हुई। इसके बाद दुनिया ने समझा कि यहूदियों के लिए एक सुरक्षित मातृभूमि की आवश्यकता है। 1948 में, संयुक्त राष्ट्र की अनुमति से इज़राइल एक स्वतंत्र राष्ट्र बना। 🕊️ जन्म के साथ ही युद्ध इज़राइल के जन्म के साथ ही अरब देशों के साथ युद्ध छिड़ गया। कई बार युद्ध हुए – 1948, 1967 (छह दिवसीय युद्ध), 1973 (योम किप्पुर युद्ध) । हर युद्ध के बाद इज़राइल ने खुद को और मज़बूत किया, लेकिन इसके साथ-साथ फिलिस्तीनि...